मुंबई , मई 30 -- महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि विभाग के आयुक्त का चार्ज संभालने के कुछ दिनों के भीतर बेहद ईमानदार एवं सख्त प्रशासक की छवि वाले आईएएस अधिकारी तुकाराम मूंढे ने ताबड़तोड़ कार्रवाई का सिलसिला शुरू कर दिया है।

उनके राज्य में चले एक तीन दिवसीय विशेष अभियान के तहत 53 जगहों पर छापेमारी की गयी और 33 मिलावटखोर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गए। उनके आदेश पर 25 प्राथमिकी दर्ज की गयीं और 27 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया। उनकी इस तेजी से गयी कार्रवाई से मिलावटखोरों में भय की लहर दौड़ गयी है।

अकेले मुंबई में 19 प्रतिष्ठान सील किए गए, 19 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और 20 लाख रुपये से अधिक मूल्य की प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई। इस दौरान उनके अधिकारियों ने पानी, दूध, नूडल्स, तेल, मिठाई, नमकीन, आइसक्रीम, मसाले, खोया, पनीर, घी, बेसन और बेकरी उत्पादों का निरीक्षण किया गया। प्रयोगशाला में जांच के लिए नमूने भेजे गए और 28 लाख से अधिक मूल्य की मिलावटयुक्त और संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की गई।

विभाग का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले अनधिकृत प्रतिष्ठानों को सख्त चेतावनी दी गई है। ऐसा करने वाले किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के प्रति प्रशासन कोई ढिलाई नहीं बरतेगा। मिलावटखोरी, प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री और असुरक्षित खाद्य उत्पादन के खिलाफ कार्रवाई अब से और भी अधिक कड़ी और निरंतर जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ न केवल दंडात्मक उपाय किए जाएंगे, बल्कि आपराधिक कार्यवाही भी शुरू की जाएगी।

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