मिर्जापुर, अक्टूबर 19 -- मिर्जापुर में विंध्य कोरिडोर बनने के बाद विंध्याचल धार्मिक केंद्र के रूप में चर्चा में हैं और पिछले तीन सालों में श्रद्धालुओं की संख्या में गुणात्मक परिवर्तन हो रहा है। वर्ष 2025 में यहां 1.20 करोड श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी देवी के दरबार में हाजिरी लगाई है।यह संख्या विगत वर्ष से 64 प्रतिशत अधिक है। इस वर्ष डेढ़ करोड़ से अधिक होने जाने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने विगत तीन वर्षों के आंकड़े जारी किए हैं जिसमें वर्ष 2023 में मां विंध्यवासिनी देवी एवं त्रिकोण पथ पर स्थित मां काली एवं सरस्वती स्वरूपा मां अष्टभुजा देवी के दरबार लगभग 1.15 करोड़ थी। इस तरह दो वर्षों में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बढ़ती भक्तों की संख्या से विंध्य त्रिकोण परिक्रमा धार्मिक पर्यटन के प्रमुख स्थल के रूप में उभर रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक यह संख्या साल दर साल बढ़ रही है। वर्ष 2023 में 73 लाख, 2024 मे 78.15 लाख और 2025 में 1.20 करोड़ श्रद्धालु यहां आए। वहीं चालू वर्ष में जनवरी से अगस्त तक करीब 90 लाख श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं। शारदीय नवरात्र के आमद से यह संख्या बढे़ेगी। मां काली और रोपवे से अष्टभुजा देवी के दरबार में दर्शनार्थियों की संख्या भी बढ़ रही है।

असल में काशी विश्वनाथ मंदिर के कोरिडोर बनने के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कुल देवी मां विंध्यवासिनी देवी के दरबार में लगभग चार सौ करोड़ रुपए से गलियारे का निर्माण करना शुरू किया गया है।अब मां विंध्यवासिनी काली और अष्टभुजा परिपथ और मंदिरों में कोरिडोर कार्य जारी है।साथ ही मां गंगा नदी तट पर विंध्य पौड़ी आदि पर तीन सौ करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

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