मिर्जापुर , अप्रैल 17 -- मिर्जापुर जिला प्रशासन ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में पिछले दस दिनों से चल रहे कांग्रेस के धरना स्थल को आधी रात कार्रवाई कर हटवा दिया। प्रशासन द्वारा तंबू-कनात उखाड़े जाने के बाद कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार अहरौरा क्षेत्र में अस्थायी बैरियर और मां विंध्यवासिनी धाम के पास अष्टभुजा क्षेत्र में लगाए गए बैरियरों पर कथित वसूली के विरोध में कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिवकुमार पटेल के नेतृत्व में लगातार 24 घंटे धरना दिया जा रहा था। प्रदर्शनकारी दोनों बैरियर हटाने की मांग कर रहे थे। बताया गया कि इस मुद्दे को भाजपा एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने भी विधान परिषद में उठाया था।
गुरुवार देर रात उपजिलाधिकारी गुलाब राम और सीओ सिटी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और धरना समाप्त करने को कहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रात में धरना हटाने और तंबू-कनात उखाड़ने का विरोध किया। उस समय धरना स्थल पर समर्थकों की संख्या कम थी और कुछ लोग सो रहे थे। कार्यकर्ताओं ने अन्य नेताओं और समर्थकों को सूचना दी, लेकिन तब तक प्रशासनिक टीम धरना स्थल हटाकर सामान परिसर से बाहर कर चुकी थी।
बाद में धरनारत लोग गेट के बाहर बैठ गए, जहां उन्हें बैठने दिया गया। बताया जा रहा है कि इस आंदोलन को समाजवादी पार्टी सहित अन्य दलों का भी समर्थन प्राप्त था। पूर्व विधायक भगौती चौधरी ने प्रशासन की कार्रवाई को सत्ता पक्ष की गुंडई बताते हुए कहा कि कांग्रेस शांतिपूर्ण धरना दे रही थी और दोनों बैरियर हटने से स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलता।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित