नयी दिल्ली , अक्टूबर 30 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को यहां कहा कि उच्चतम न्यायालय ने मियापुर की जमीन को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है जिसके लिए वह शीर्ष अदालत का आभार व्यक्त करते हैं।

श्री रेड्डी ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर), उनके रिश्तेदार दामोदर राव और गोल्ड स्टोन प्रसाद ने जमीन पर कब्जे की कोशिश की थी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और भारतीय राष्ट्रीय समिति (बीआरएस) नेताओं पर तेलंगाना में कीमती जमीनों पर अतिक्रमण के प्रयास का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस जमीन की कीमत 50 हजार करोड़ रुपये है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले तीन वर्षों में 1.50 लाख करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को अतिक्रमण से बचाया है। उन्होंने इस मौके पर आईएमजी, कंचे गच्चीबौली, मामिडिपल्ली, गुर्रंगुड़ा और मंचिरेवुला की जमीनों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि मियापुर की जमीन बेचकर मिलने वाली राशि शिक्षा, सिंचाई, स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। इस संबंध में मंत्रिमंडल में चर्चा होगी और गठित उपसमिति जमीनों की बिक्री तथा विकास योजनाओं का अध्ययन करेगी।

श्री रेड्डी ने बीआरएस नेताओं को विधानसभा में भूमि अतिक्रमण के मुद्दे पर चर्चा करने की चुनौती दी और श्री के चंद्रशेखर राव तथा केटी रामाराव से कथित कब्जे बंद करने की अपील की।

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