नई दिल्ली , नवंबर 18 -- भारत और श्रीलंका के बीच कर्नाटक के बेलगावी में चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास 'मित्र शक्ति-2025' में मंगलवार को विभिन्न सत्रों में दोनों पक्षों के सैनिकों ने रण कौशल की विधाओं में जोर आजमाइश की।

संयुक्त अभ्यास के दौरान दोनों टुकड़ियों के सैनिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और धैर्य, चपलता तथा समग्र युद्ध तैयारी का प्रदर्शन किया।

अभ्यास में 170 सैनिकों वाली भारतीय टुकड़ी का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से राजपूत रेजिमेंट के सैनिक कर रहे हैं। श्रीलंकाई पक्ष का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से गजबा रेजिमेंट के 135 सैनिक कर रहे हैं। भारतीय वायु सेना के 20 और श्रीलंकाई वायु सेना के 10 सैनिक भी अभ्यास में भाग ले रहे हैं।

कृत्रिम रूप से निर्मित क्षेत्रों में युद्ध पर एक व्यापक व्याख्यान भी आयोजित किया गया। इस सत्र में टोही अभियानों के लिए ड्रोन, त्वरित प्रेरण के लिए हल्के विशेषज्ञ और सभी क्षेत्रों में काम करने वाले वाहनों और खोजी अभियान के लिए रोबोट के उपयोग का प्रदर्शन किया गया।

इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) पर एक विस्तृत व्याख्यान और प्रस्तुति में मार्ग-समाशोधन अभ्यास, आईईडी का पता लगाने के बाद की कार्रवाई, चार्ज की तैयारी और रेंडर सेफ प्रक्रियाओं को शामिल किया गया।

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