काशीपुर , जून 07 -- उत्तराखंड के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को काशीपुर स्थित गन्ना प्रेक्षागृह में आयोजित राष्ट्रव्यापी 'खेत बचाओ अभियान' कार्यक्रम में किसानों से वैज्ञानिक, प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मिट्टी का स्वास्थ्य सुरक्षित रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए नियमित मृदा परीक्षण तथा उर्वरकों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सोच कृषि क्षेत्र को नई दिशा दे रही है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के कम एवं संतुलित उपयोग के साथ जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से उत्पादन लागत कम होती है, फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और भूमि की उत्पादकता लंबे समय तक बनी रहती है। साथ ही जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना भी आवश्यक है।

कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए ड्रैगन फ्रूट, कीवी और मोटे अनाज (मिलेट्स) जैसी फसलों को प्रोत्साहित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले मिट्टी परीक्षण केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित था, लेकिन अब 'लैब टू लैंड' अवधारणा के तहत कृषि वैज्ञानिक सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचकर मिट्टी की जांच कर रहे हैं, जिससे किसानों को उनकी भूमि की वास्तविक स्थिति की जानकारी समय पर मिल रही है।

गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को न्याय पंचायत स्तर तक पहुंचाकर किसानों और ग्रामीणों को मृदा परीक्षण तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाए ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

कार्यक्रम में किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, उर्वरक उपयोग और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी गई।

इस अवसर पर काशीपुर के मेयर दीपक बाली, जिला उपाध्यक्ष अमित नारंग, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, जिला कृषि अधिकारी विकेश यादव, जिला उद्यान अधिकारी सतीश शर्मा सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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