एजल , फरवरी 26 -- मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने गुरुवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 17,076.92 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें कोई नया टैक्स या मौजूदा दर में बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं रखा गया है।
गौरतलब है कि श्री लुलदुहोमा के पास वित्त मंत्रालय भी है। उन्होंने 2025-26 के लिए 3,724.25 करोड़ रुपये के अनुदानों के लिए पूरक मांग भी रखी। बजट में कुल राजस्व खर्च 14,094.47 करोड़ रुपये का अनुमान है, जो कुल खर्च का 82.53 प्रतिशत है। इस मद में बढ़ोतरी के बारे में बताते हुए श्री लालदुहोमा ने कहा कि यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से बढ़ती प्रशासनिक प्रतिबद्धताओं की वजह से हुई है, जिसमें बिजली खरीद दायित्व, सड़कों, सरकारी इमारतों और जल आपूर्ति प्रणाली जैसी ज़रूरी अवसंरचनाओं की मरम्मत के साथ ही सार्वजनिक ऋण पर ब्याज देना भी शामिल है।
श्री लालदुहोमा ने बताया कि वेतन के तहत ज़्यादा आवंटन सालाना वेतन वृद्धि और बढ़े हुए महंगाई भत्ता/महंगाई राहत को दिखाते हैं। पेंशन खर्च में भी काफ़ी बढ़ोतरी हुई है, मुख्य रूप से 2016 से पहले के पेंशनरों के लिए पहले फॉर्मूलेशन के तहत पेंशन में बदलाव और निर्धारण के कारण खर्च बढ़ा है। कुल मिलाकर,राजस्व खर्च 2025-26 के बजट अनुमानों की तुलना में 13.81 प्रतिशत ज़्यादा है। वहीं, 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च 2,982.44 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो कुल अनुमानित खर्च का 17.46 प्रतिशत है। सरकार ने संकेत दिया है कि पूंजी खर्च में अवसंरचना बनाने और सम्पत्ति बनाने को प्राथमिकता दी जाएगी।
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