आइजोल , अप्रैल 04 -- मिजोरम से म्यांमार को उर्वरकों के कथित अवैध निर्यात की बढ़ती चिंताओं के बीच एक क्षेत्रीय जांच में पता चला है कि किसानों को रियायती दरों पर मिलने वाले यूरिया की कालाबाजारी करके उसे भारी कीमतों पर बेचा जा रहा है। इस खुलासे के बाद अधिकारियों ने इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मिजोरम स्टेट एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर एंड मार्केटिंग कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि वितरण में अनियमितताओं की जानकारी मिलने पर प्रबंध निदेशक ने यहां के सिहफिर गांव का दौरा किया। जांच में पता चला कि यूरिया को अधिकतम खुदरा मूल्य 266.40 रुपये प्रति 45 किलोग्राम बैग (जीएसटी सहित) से कहीं अधिक दाम पर बेचा जा रहा था। कई मामलों में खरीदारों ने प्रति बैग 450 रुपये तक भुगतान करने की बात कही।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसा कराना उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के खंड 3(3) और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत भी दंडनीय है।
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