ऐजल , सितंबर 13 -- मिजोरम और त्रिपुरा ने अपने अंतरराज्यीय सीमा विवाद को सुलझाने के लिए आधिकारिक बातचीत शुरू कर दी है। दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने विवादित सीमा से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की विस्तृत जांच करने पर सहमति जताई है।
मिजोरम के गृह मंत्री के. सपडांगा ने रविवार को बताया कि सचिव स्तर की पहले दौर की वार्ता गुरुवार को अगरतला में आयोजित की गई। मिजोरम प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह एवं राजस्व सचिव वनलालमाविया ने किया, जबकि त्रिपुरा दल की अगुवाई गृह सचिव अभिषेक सिंह ने की। दोनों पक्षों ने सीमा मुद्दे का अध्ययन करने, संबंधित दस्तावेज जुटाने और एक-दूसरे के दावों की समीक्षा के लिए अलग-अलग टीमें गठित करने का निर्णय लिया है। इन टीमों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट और रिकॉर्ड के आधार पर ही भविष्य में सर्वमान्य समाधान की राह तलाशी जाएगी।
यह विवाद मुख्य रूप से 'फुलडुंगसेई' गांव से जुड़ा हुआ है। इस पर मिजोरम और त्रिपुरा दोनों राज्य अपना-अपना प्रशासनिक अधिकार जताते हैं। इस गांव को लेकर दोनों राज्यों के बीच समय-समय पर तनाव की स्थिति बनती रही है और स्थिति यह है कि दोनों ही राज्य सरकारों ने यहां के निवासियों को अपने-अपने राशन कार्ड जारी कर रखे हैं। इससे पहले, पास की 'थाईडॉर पहाड़ी' पर सरकारी भवनों और एक हिंदू मंदिर के प्रस्तावित निर्माण को लेकर भी विवाद बढ़ा था।
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