आइजोल , जून 14 -- मिजोरम के चकमा स्वायत्त जिला परिषद (सीएडीसी) में लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता और अधिक गहरा गई है। परिषद में सत्ताधारी दल 'जोराम पीपुल्स मूवमेंट' (जेडपीएम) के तीन निर्वाचित सदस्यों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है।

इस्तीफा देने वाले जिला परिषद सदस्यों में कालासोग चकमा,संजीव चकमा और सुपन चकमा शामिल हैं। इन तीनों ने सीएडीसी में पार्टी की जिला इकाई चकमा जिला जोराम पीपुल्स मूवमेंट की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ सभी संगठनात्मक पदों से अपना त्यागपत्र सौंप दिया है।

संविधान की छठी अनुसूची के तहत मिजोरम के चकमा-बहुल क्षेत्रों पर शासन करने वाली इस 20-सदस्यीय स्वायत्त परिषद में राजनीतिक अनिश्चितता का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। साल 2023 के सीएडीसी चुनावों के बाद से ही इस परिषद में लगातार दलबदल और राजनीतिक वफादारियां बदलने का खेल जारी है, जिसके कारण क्षेत्र में एक स्थिर सरकार का गठन नहीं हो पा रहा है।

यह राजनीतिक संकट उस समय और अधिक गंभीर हो गया था जब राज्यपाल ने परिषद की कार्यकारी समिति को निलंबित कर दिया था। इस निलंबन के बावजूद, निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा पाला बदलने का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी असंतोष है और स्वायत्त जिले के शासन-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस लंबी राजनीतिक अस्थिरता ने परिषद के कामकाज को बुरी तरह प्रभावित किया है और सार्वजनिक प्रशासन को ठप कर दिया है। वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों को नियमित रूप से वेतन न मिलना एक बड़ी समस्या बन चुका है, जिसका सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

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