आइजोल , मई 31 -- मिजोरम में 2026 से पहले मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान तेज हो गया है। इसके तहत राज्य के प्रत्येक पंजीकृत मतदाता तक पहुंचने के उद्देश्य से घर-घर सत्यापन अभियान शुरू किया गया है, जिसमें दुर्गम और दूरदराज के गांव भी शामिल हैं।
एसआईआर प्रक्रिया शनिवार से औपचारिक रूप से शुरू हुई, लेकिन चुनाव अधिकारियों के अनुसार सोमवार से यह अभियान और गति पकड़ेगा, जब बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) विभिन्न मतदान क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और नयी मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार बीएलओ ने कई जिलों में प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है और 28 जून तक घर-घर जाकर सत्यापन अभियान जारी रहेगा। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक, अद्यतन और राज्य की वर्तमान जनसांख्यिकीय स्थिति के अनुरूप बनाना है।
पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत प्रत्येक पंजीकृत मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां दी जाएंगी। मतदाताओं को आवश्यक विवरण भरकर एक प्रति अपने पास रखनी होगी तथा दूसरी प्रति बीएलओ को सौंपनी होगी। अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर बीएलओ लोगों की प्रपत्र भरने में सहायता भी करेंगे ताकि कोई भी पात्र मतदाता प्रक्रिया से वंचित न रह जाये।
इस बार पहली बार चुनाव आयोग ने एसआईआर अभियान में डिजिटल प्रणाली को भी शामिल किया है। घरों से प्रपत्र एकत्र करने के बाद बीएलओ विशेष मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से जानकारी सीधे चुनाव डाटाबेस में अपलोड करेंगे। इससे मैनुअल डाटा प्रविष्टि पर निर्भरता कम होगी और मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया अधिक तेज एवं सटीक बनेगी।
अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल प्रणाली से मतदाता अभिलेखों की शुद्धता बढ़ेगी और अंतिम सूची तैयार करने में त्रुटियां कम होंगी।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 की मतदाता सूची में मिजोरम में कुल 8,75,068 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें 4,51,671 महिला और 4,23,397 पुरुष मतदाता शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान पुनरीक्षण अभियान से राज्य के मतदाता आधार की अद्यतन तस्वीर सामने आएगी और भविष्य के चुनावों से पहले मतदाता सूची की विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।
यह अभियान विशेष रूप से दक्षिणी जिलों में चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, जहां दुर्गम भूभाग और सीमित संपर्क व्यवस्था प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित करती है। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि सभी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।
लॉन्गतलाई और लुंगलेई जिलों में कुछ बीएलओ को ऐसे गांवों तक नाव से जाना पड़ेगा, जहां सड़क संपर्क उपलब्ध नहीं है। मानसून के मद्देनजर अधिकारियों ने क्षेत्रीय कर्मचारियों को लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं।
चुनाव अधिकारियों ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे सत्यापन अभियान में सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि संशोधित मतदाता सूची व्यापक, समावेशी और त्रुटिरहित तैयार की जा सके।
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