रेवाड़ी , मई 06 -- स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने अधिवक्ता मिंदरजीत यादव को उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम द्वारा पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किये जाने पर खुशी जतायी है।

उन्होंने इसे अहीरवाल क्षेत्र और पिछड़े वर्ग के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

श्री विद्रोही के अनुसार, न्यायिक इतिहास में पहली बार यादव समाज का कोई अधिवक्ता सीधे उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बना है। हरियाणा के गठन के करीब 60 वर्ष बाद अहीरवाल क्षेत्र से जुड़े किसी वकील को यह अवसर मिला है, जो क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने श्री यादव और उनके परिवार को बधाई देते हुए उम्मीद जतायी कि वह एक न्यायाधीश के रूप में संविधान के अनुसार पिछड़े, दलित, शोषित, वंचित तथा किसान-मजदूर वर्ग को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति से क्षेत्र के अन्य युवा अधिवक्ताओं को भी प्रेरणा मिलेगी।

श्री विद्रोही ने यह भी कहा कि लंबे समय से गुरुग्राम में उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित करने की मांग उठती रही है, लेकिन इसे पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया। उन्होंने आशा जतायी कि श्री यादव अपने कार्यकाल में इस मांग को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे, जिससे अहीरवाल और दक्षिणी हरियाणा के लोगों को न्याय सुलभ हो सके।

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