राजनांदगांव , मार्च 14 -- छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र में पिता से बिछड़ गई डेढ़ वर्षीय बच्ची के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने के बाद पुलिस अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर महिला थाना प्रभारी और एक आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कोतवाली थाना प्रभारी का तबादला कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने यह जानकारी शनिवार को दी। जानकारी के मुताबिक बाजार इलाके में एक व्यक्ति अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वह नशे की हालत में था, जिसके कारण वह बच्ची पर ध्यान नहीं दे पाया और इसी दौरान मासूम उससे बिछड़ गई। कुछ देर बाद बच्ची सड़क किनारे खड़ी रोती हुई दिखाई दी।
वहीं से गुजर रहे दो युवकों की नजर बच्ची पर पड़ी। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बच्ची को सुरक्षित उठाया और मदद के लिए महिला थाने पहुंचे। आरोप है कि वहां तत्काल पहल करने के बजाय युवकों को डायल 112 या चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई।
इसके बाद दोनों युवक बच्ची को लेकर कोतवाली थाना पहुंचे, जहां भी अपेक्षित सहायता नहीं मिलने पर उन्होंने चीखली पुलिस चौकी के एक आरक्षक की मदद से चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क किया। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर संपर्क गृह भेजा। बाद में जानकारी जुटाकर बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला थाना प्रभारी गीतांजलि सिंह और कोतवाली के आरक्षक चंद्रेश सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही कोतवाली थाना प्रभारी नंदकिशोर गौतम का स्थानांतरण कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों को मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मासूम बच्ची की मदद कर उसे सुरक्षित पुलिस तक पहुंचाने वाले दोनों युवकों की मानवीय पहल की सराहना की गई है। पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने उनके इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित