मुंबई , मई 28 -- मासिक धर्म के दौरान महिलाओं में स्वच्छता प्रति जागरूक करने के लिए मासिक धर्म स्वच्छता दिवस 2026 के मौके पर गुरुवार को महाराष्ट्र के मुंबई स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) की धरोहर इमारत को लाल रंग से रोशन किया गया।

इस मौके पर आदित्य बिड़ला एजुकेशन ट्रस्ट की उजास संस्था और मध्य रेलवे ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया और सार्वजनिक तौर पर संदेश देने की कोशिश की कि 'मासिक धर्म स्वच्छता सर्वमान्य अधिकार' है।

गौरतलब है कि मौजूदा समय में मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन को तेज़ी से गरिमा, बराबरी, शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के मुद्दे के तौर पर पहचाना जा रहा है। उच्चतम न्यायालय ने भी कहा था मासिक धर्म से संबंधित सेहत और साफ़-सफ़ाई संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 के तहत सम्मान, बराबरी, शिक्षा और स्वास्थ्य के बुनियादी अधिकारों से जुड़ा हुआ है।

भारत में मासिक धर्म से जुड़ी स्वच्छता के बारे में जागरूकता बढ़ाने में तरक्की हुई है, लेकिन अभी भी इस मामले में काफी काम करने की जरूरत है। राष्ट्रीय डाटा बताते हैं कि भारत में लगभग चार में से एक लड़की के पास अभी भी मासिक धर्म से जुड़े साफ़-सुथरे तरीके नहीं हैं। अध्ययन से यह भी पता चला है कि कई नाबालिग किशोरियों को अपना पहला मासिक धर्म आने से पहले इसके के बारे में पता नहीं होता है। मासिक धर्म से जुड़ी समस्या, गलत जानकारी और सहायक माहौल की कमी आत्मविश्वास, आवाजाही और स्कूल में उपस्थिति पर असर डालती है।

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