चंडीगढ़ , अप्रैल 16 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद ) के हलका इंचार्ज एवं पूर्व विधायक अरविंद खन्ना ने गुरुवार को पंजाब सरकार पर महिलाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के नाम पर राज्य की लाखों महिलाओं के साथ धोखा किया जा रहा है।

श्री खन्ना ने अपने बयान में कहा कि आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान इस योजना की घोषणा की थी, लेकिन चार साल तक इसे लागू नहीं किया गया। अब 2026 में योजना शुरू करने का ऐलान कर महिलाओं को फिर से भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल को पंजीकरण की घोषणा के बाद 15 अप्रैल से योजना शुरू करने की बात कही गई, लेकिन राज्य के 117 विधानसभा क्षेत्रों के बजाय केवल कुछ चुनिंदा हलकों-आदमपुर, मलोट, आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला-में ही इसकी शुरुआत की गई।

उन्होंने कहा कि बाकी 108 विधानसभा क्षेत्रों की महिलाओं को पंजीकरण के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने साफ किया है कि जुलाई से सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये और दलित एवं पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये दिए जाएंगे, जिसे उन्होंने भेदभावपूर्ण बताया।

अकाली नेता ने कहा कि 2022 में किए गए वादे के बावजूद यह योजना केवल छह महीने तक ही लागू रह पाएगी, क्योंकि इसके बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों को ध्यान में रखते हुए केवल फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। खन्ना ने दावा किया कि यदि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनती है, तो महिलाओं को पहले दिन से ही सम्मान भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार की नीयत और नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की महिलाएं चुनाव में इसका जवाब देने के लिए तैयार हैं।

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