वाराणसी , मई 17 -- मालवीय सेवा संस्थान ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सिंहद्वार से नरिया होते हुए भिखारीपुर बीएलडब्ल्यू तक के मार्ग का नाम ''महामना मार्ग'' घोषित किए जाने की माँग करते हुए रविवार को वाराणसी के महापौर एवं काशी हिन्दू विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य अशोक तिवारी को एक पत्र सौंपा।

संस्थान द्वारा दिए गए पत्र में कहा गया कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी केवल एक शिक्षाविद् नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्र-निर्माण एवं सामाजिक समरसता के महान प्रतीक हैं। बीएचयू से जुड़े इस महत्वपूर्ण मार्ग का नाम "महामना मार्ग" करना उनके योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

संस्थान के संरक्षक डॉ. अरुण कुमार चौबे ने कहा, ''महामना मालवीय जी ने शिक्षा को राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाया। उनके नाम पर इस मार्ग का नामकरण केवल एक औपचारिक निर्णय नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार एवं राष्ट्रीय चेतना के मूल्यों को सम्मान देने का कार्य होगा।''मालवीय सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष सुनील मिश्र 'प्रिंस' ने कहा कि महामना जी के आदर्श आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। यह मार्ग प्रतिदिन हजारों विद्यार्थियों एवं नागरिकों को बीएचयू और काशी की गौरवशाली परंपरा से जोड़ता है। ''महामना मार्ग'' नामकरण काशी की सांस्कृतिक एवं शैक्षिक पहचान को नई ऊँचाई प्रदान करेगा।

संस्थान के निदेशक अनिल कुमार मिश्र ने कहा, ''काशी की ऐतिहासिक विरासत एवं बीएचयू की गौरवशाली परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए ऐसे प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। ''महामना मार्ग'' नामकरण से समाज में शिक्षा, सेवा एवं राष्ट्रभक्ति की भावना और अधिक मजबूत होगी।''संस्थान ने अपने निवेदन में यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में काशी की सांस्कृतिक विरासत एवं आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिली है। यह प्रस्ताव उसी सांस्कृतिक पुनर्जागरण की भावना को और अधिक सशक्त करेगा।

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