नयी दिल्ली , जून 04 -- दिल्ली पुलिस की मालवीय नगर के गेस्ट हाउस में लगी आग लगने की घटना की जांच का दायरा अब बिल्डिंग नियमों, आग से सुरक्षा के नियमों, लाइसेंसिंग की जरुरतों और कामकाज में हुई संभावित अनियमितताओं के उल्लंघन पर केंद्रित हो गई है।

इस घटना में 21 लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं। इनमें ज्यादातर विदेशी नागरिक थे। इसके अलावा 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

जाँचकर्ताओं ने 03 मई की इस घटना के कारणों की विस्तृत जांच के तहत, दिल्ली नगर निगम ,बीएसईएस, ज़िला मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी सहित कई एजेंसियों से रिपोर्ट और निरीक्षण की मांग की है।

जांच का दायरा बढ़ने के बीच दिल्ली की साकेत अदालत ने गुरुवार को होटल मालिक लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इनमें ऐसे अपराध शामिल हैं जिनके लिए आजीवन कारावास की सज़ा हो सकती है। हिरासत में लेकर पूछताछ करना ज़रूरी है क्योंकि जाँच अभी शुरुआती और अहम चरण में है, और गिरफ्तारी वैध और उचित प्रतीत होती है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार बजाज से हिरासत में पूछताछ इसलिए जरुरी है ताकि गेस्ट हाउस से जुड़े कर्मचारियों और कामगारों की पहचान और पुष्टि की जा सके। इसके साथ ही मैनेजर और अकाउंटेंट सहित अन्य मुख्य व्यक्तियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।वहीं मालिकाना और कामकाज से जुड़े रिकॉर्ड की बरामदगी , वित्तीय लेन-देन और बुकिंग के विवरण की जांच , इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती और जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर आरोपी से आमना-सामना कराया जा सके।

अदालत ने जांच एजेंसी की दलीलों को स्वीकार करते हुए कहा कि हिरासत में पूछताछ इसलिए ज़रूरी है ताकि आग लगने की घटना से जुड़ी पूरी कड़ियों को जोड़े जाने के साथ ही अनिवार्य सुरक्षा नियमों के पालन की पुष्टि तथा घटना के लिए ज़िम्मेदार अन्य व्यक्तियों की पहचान और महत्वपूर्ण दस्तावेजी तथा डिजिटल सबूत बरामद किए जा सकें।

जांच के हिस्से के तहत पुलिस ने दक्षिण जिला मजिस्ट्रेट से भी अनुरोध किया है कि वे गेस्ट हाउस से जुड़ी संपत्ति का विस्तृत निरीक्षण करें और उसके पंजीकरण दस्तावेज़ों, अनुमतियों और कामकाज से जुड़े रिकॉर्ड की जाँच करें।

जांचकर्ताओं का कहना है कि शुरुआती सबूत लापरवाही और मेहमानों तथा वहां रहने वालों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने में विफलता की ओर इशारा करते हैं, जिसके कारण इतने लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए। पूछताछ के दौरान बजाज ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि जब आग लगी, तब वह गेस्ट हाउस के पास ही था, लेकिन वह मौके पर रुका नहीं और डर के मारे वहां से चला गया। उसने कथित तौर पर दावा किया कि घटना के बाद वह घर नहीं लौटा और पूरी रात शहर के अलग-अलग हिस्सों में घूमते हुए बिताई। आरोपी ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया कि उसने करीब तीन साल पहले अहलुवालिया नाम के एक व्यक्ति से यह प्रॉपर्टी खरीदी थी और तब से वह इसे एक होटल-कम-गेस्ट हाउस के तौर पर चला रहा था। उसने दावा किया कि इस इमारत में पहले एक खादी स्टोर हुआ करता था और जब उसने इसे खरीदा था, तब यह पहले से ही जर्जर हालत में थी।

बजाज ने बताया कि उसे पास बेड-एंड-ब्रेकफास्ट, पर्यटकों के ठहरने की सुविधा, स्वास्थ्य-संबंधी सेवाओं और रेस्टोरेंट चलाने से जुड़ी अनुमति थीं। दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां फिलहाल इन दावों की सच्चाई की जांच कर रही हैं और यह पता लगा रही हैं कि क्या घटना के समय सभी जरुरी लाइसेंस, मंजूरियां और सुरक्षा संबंधी क्लीयरेंस मौजूद और वैध थे।

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