नयी दिल्ली , जून 03 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने राष्ट्रीय राजधानी के मालवीय नगर में बुधवार सुबह एक होटल में हुए आग हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मृत लोगों के परिजनों को एक -एक करोड़ रुपये तथा घायलों को घायल दस- दस लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग की है।

डॉ. कुमार ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है, जिसने दिल्ली में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में दमकल विभाग की स्थिति गंभीर बनी हुई है। लगभग आठ हजार स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल करीब 2200 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत संविदा आधार पर हैं। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 20 वर्षों से फायर अधिकारियों की नियमित भर्ती नहीं की गयी है, जिससे विभाग में तकनीकी विशेषज्ञता और नेतृत्व की गंभीर कमी उत्पन्न हो गई है। उन्होंने मांग की कि सभी खाली पदों पर तत्काल प्रभाव से स्थायी भर्ती की जाए। उन्होंने हादसे की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने तथा इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा जुलाई 2025 में दिल्ली दमकल विभाग के प्रमुख पद पर एक गैर तकनीक व्यक्ति की नियुक्ति की गयी, जो दिल्ली के इतिहास में पहली बार हुआ है। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक त्रुटि बताते हुए कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण और तकनीकी विभाग में गैर-तकनीकी नेतृत्व से प्रणाली की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि दमकल विभाग के मौजूदा प्रमुख को तत्काल पद से हटाया जाए और उनकी जगह किसी अनुभवी, तकनीकी रूप से योग्य और जिम्मेदार अधिकारी को नियुक्त किया जाए ताकि फायर सेवाओं को प्रभावी और आधुनिक बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2011 के बाद दिल्ली में कोई नया दमकल केंद्र शुरू नहीं किया गया है। उस समय 36 नये दमकल केंद्रों की आवश्यकता पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दिल्ली में केवल 66 दमकल केंद्र हैं, जो राजधानी की बढ़ती आबादी, विस्तार और ऊंची इमारतों के लिहाज से अपर्याप्त हैं। उन्होंने मांग की कि दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में नये दमकल केंद्र स्थापित किए जाएं ताकि आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय कम हो और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

डॉ. कुमार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद केवल सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है। मुख्यमंत्री को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करना उनकी गैर-गंभीरता और जनता के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि सरकार को केवल हादसों के बाद शोक व्यक्त करने के बजाय एक मजबूत और जवाबदेह नीति अपनानी चाहिए, जिससे जनता के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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