देहरादून , जून 07 -- दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड मामले में उत्तराखंड के मूल निवासी और होटल के शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत दोनों ने मामले में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए अलग-अलग तरीके से सवाल उठाए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से फोन पर बातचीत कर मामले की जानकारी ली। श्री धामी ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आश्वस्त किया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और जांच पूरी तरह तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां निष्पक्ष जांच के माध्यम से सच्चाई सामने लाएंगी। उन्होंने केशव नेगी की पुत्री कनिष्का नेगी से भी बातचीत कर परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला किसी उत्तराखंडी का नहीं बल्कि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही का है। श्री रावत ने कहा कि आग की घटना के लिए होटल मालिक, प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी।

कांग्रेस नेता हरीश रावत ने सवाल उठाते हुए कहा, "एक छोटे से शेफ को दोषी ठहराया जा रहा है। क्या कल को किसी टेबल ब्वाय या अन्य कर्मचारी को भी दोषी बना दिया जाएगा? न्याय का तकाज़ा है कि जिम्मेदारी वहीं तय हो, जहां वास्तविक जवाबदेही बनती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि शेफ को आरोपी बनाकर बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी एक वीडियो जारी कर इस घटना में निष्पक्ष जांच और पीड़ित पक्ष के साथ खड़े होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पीड़ित परिवार से भी बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले में गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी जी से भी बात की और उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।

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