नयी दिल्ली , अप्रैल 09 -- राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित कार्य के लिए तैनात न्यायिक अधिकारियों के घेराव के संबंध में 12 मामले दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के बाद की गई है।
बुधवार देर रात जारी एक आधिकारिक बयान में, एजेंसी ने कहा कि उसने मालदा जिले के मोथाबारी पुलिस स्टेशन से सात और कालीचक पुलिस स्टेशन से पांच एफआईआर अपने पास लेकर पुनः मामला दर्ज किया है। ये मामले उच्चतम न्यायालय के छह अप्रैल के आदेश के अनुरूप चुनावी कर्तव्यों में लगे न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा से संबंधित घटनाओं से जुड़े हैं। एनआईए की टीमें पहले ही मालदा पहुंच चुकी हैं और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर चुकी हैं।
इससे पहले, शीर्ष अदालत ने केंद्रीय एजेंसी को सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव की जांच करने का निर्देश दिया और चिंता व्यक्त किया था कि ऐसी घटनाएं संस्थागत विश्वसनीयता को कम कर रही हैं और पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक कामकाज में राजनीति के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती हैं।
इस बीच, चुनाव आयोग के सूत्रों ने संकेत दिया कि एनआईए को शामिल करने का निर्णय संभावित सीमा पार संबंधों की ओर इशारा करने वाली सूचनाओं से प्रभावित हैं। मालदा की बंगलादेश सीमा से निकटता को देखते हुए, अधिकारियों को संदेह है कि यह घटना केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है बल्कि इसके व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा निहितार्थ हो सकते हैं।
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