नयी दिल्ली , जुलाई 30 -- मारुति सुज़ुकी इंडिया ने गुरुवार को गुजरात स्थित अपने हंसलपुर संयंत्र के चौथे प्लांट (प्लांट डी) में व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया।

इस प्लांट की वार्षिक क्षमता 2.5 लाख है। इसके साथ ही हंसलपुर संयंत्र की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 10 लाख इकाई हो गयी। सुज़ुकी के इतिहास में पहली बार किसी एक विनिर्माण संयंत्र में कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 10 लाख इकाइयों तक पहुंची है। इसके साथ ही मारुति सुज़ुकी का हंसलपुर संयंत्र एक स्थान पर देश का सबसे बड़ा यात्री वाहन विनिर्माण संयंत्र बन गया है।

मारुति सुज़ुकी की देश भर में कुल विनिर्माण क्षमता बढ़कर अब 29 लाख इकाई प्रति वर्ष हो गयी है। हंसलपुर संयंत्र की 10 लाख इकाई के अलावा मानेसर संयंत्र की उत्पादन क्षमता नौ लाख इकाई और गुरुग्राम तथा खरखौदा संयंत्रों की क्षमता पांच-पांच लाख इकाई है।

हंसलपुर संयंत्र में कुल निवेश 25,288.7 करोड़ रुपये है। इसमें प्लांट डी के लिए अनुमानित 3,900 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। नया प्लांट शुरू में कंपनी के प्रमुख बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन ई-विटारा का उत्पादन करेगा।

यह अत्याधुनिक हंसलपुर संयंत्र फ्रोनएक्स, बलेनो, स्विफ्ट और ई विटारा का उत्पादन करता है। यह संयंत्र कंपनी के लिए एक प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में उभरा है। वित्त वर्ष 2025-26 के कुल निर्यात में इस संयंत्र की लगभग 47 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।

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