चमोली , अगस्त 14 -- उत्तराखंड में चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घटनास्थल पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने टनल के अंदर जाकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति देखी और जिलाधिकारी गौरव कुमार तथा पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू अभियान में जुटी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), पुलिस समेत विभिन्न टीमों से आवश्यक जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने उपलब्ध सभी संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग करते हुए टनल में फंसे शेष तीन श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने को कहा। साथ ही सभी रेस्क्यू टीमों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि तीन लोगों की तलाश और रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। हादसे में अब तक सात लोगों की मृत्यु की सूचना है।

मुख्यमंत्री इसके बाद जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे और रेस्क्यू कर अस्पताल लाए गए घायल श्रमिकों का हालचाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रखने तथा मृतकों के परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस भी बंधाया।

इस दौरान प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, दायित्वधारी हरक सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष आरती नवानी, सभासद राजा जोशी, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, एसडीएम राजकुमार पांडेय, चंद्रशेखर वशिष्ठ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।

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