चंडीगढ़ , मार्च 20 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने शुक्रवार को कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में शासन को झूठ, पाखंड, भ्रम और राजनीतिक प्रचार का केंद्र बना दिया है। उन्होंने कहा कि बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते नशे के जाल, निवेशकों के गिरते भरोसे और प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के बजाय, 'आप' सरकार केंद्र और भाजपा के खिलाफ झूठा नैरेटिव (विमर्श) गढ़ने के लिएहर दिन नए झूठ बुनने में व्यस्त है।

श्री चुघ ने कहा कि मान सरकार ने शासन को केवल विज्ञापन और प्रचार तक सीमित कर दिया है। महीनों तक यह दावा किया गया कि पंजाब को केंद्र से कुछ नहीं मिला, लेकिन अब वही मुख्यमंत्री स्वीकार कर रहे हैं कि हजारों करोड़ रुपये उपलब्ध थे और उनका उपयोग किया जा रहा है। यह स्पष्ट रूप से उजागर करता है कि पंजाब के लोगों को जानबूझकर गुमराह किया गया, केंद्र को बदनाम किया गया और प्रशासनिक विफलता को छिपाने के लिए झूठ का सहारा लिया गया।

श्री चुघ ने कहा कि भगवंत मान सरकार का नशा विरोधी अभियान, "युद्ध नशियां विरुद्ध" एक बार फिर बेनकाब हो गया है। हाल ही में लगभग 10 करोड़ मूल्य की 4.3 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी, जिसमें एक आरोपी 'आप' के युवा विंग से जुड़ा है, बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि यह घटना स्पष्ट संदेश देती है कि केजरीवाल-मान सरकार का नशा विरोधी अभियान महज एक ढोंग है। कुछ दिन पहले तरनतारन में एक 'आप' सरपंच को एनसीबी ने हेरोइन की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किया था। हाल ही में जालंधर में एक पुलिस अधिकारी ने नशे के कारण अपना बेटा खो दिया। ये घटनाएं जमीनी हकीकत और राज्य सरकार की विफलता को दर्शाती हैं।

श्री चुघ ने याद दिलाया कि आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सत्ता में आने के छह महीने के भीतर नशा खत्म करने का वादा किया था। हालांकि, चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समस्या न केवल बदतर हुई है, बल्कि 'आप' नेताओं की संलिप्तता भी सामने आई है। उन्होने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, गैंगस्टर नेटवर्क का विस्तार हो रहा है और लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब अपराध की घटनाएं दिनचर्या बन जाती हैं, तो सरकार की जिम्मेदारी समाधान देना है, न कि कहानियां गढ़ना।

श्री चुघ ने यह भी आरोप लगाया कि 'आप' सरकार ने किसानों के नाम पर राजनीति की है। एमएसपी, कृषि सुधारों और राहत पर किए गए बड़े वादे अधूरे हैं। राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचते हुए लगातार केंद्र पर दोष मढ़ रही है।

उन्होंने अंत में कहा कि पंजाब को मजबूत नीति, विश्वसनीय शासन और ईमानदार नेतृत्व की जरूरत है, न कि नाटकीय राजनीति की। पंजाब गुरुओं, संतों और शहीदों की पवित्र भूमि है और इसे झूठ, नशे, अपराध और राजनीतिक पाखंड के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।

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