धार , सितंबर 08 -- मध्यप्रदेश में धार जिले के तिरला विकासखंड में सतीपुरा और गढ़ गांव के बीच मान नदी पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब छह करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पक्का पुल क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए आवागमन का स्थायी साधन बन गया है। करीब 200 मीटर लंबे उच्चस्तरीय पुल के निर्माण से 15 हजार से अधिक आदिवासी आबादी को बरसात में नाव और डोंगी के सहारे नदी पार करने की मजबूरी से राहत मिली है।

पुल बनने से सतीपुरा और गढ़ के बीच आवागमन की दूरी भी काफी कम हो गई है। पहले ग्रामीणों को करीब 15 से 20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता था, जबकि अब यह दूरी घटकर करीब दो से तीन किलोमीटर रह गई है। इससे ग्रामीणों के समय के साथ ईंधन और परिवहन खर्च में भी बचत होगी।

मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर दोनों गांवों के बीच सीधा संपर्क लगभग बंद हो जाता था। ग्रामीणों को मोटरसाइकिल और जरूरी सामान के साथ नाव या डोंगी से नदी पार करनी पड़ती थी। स्कूली बच्चों के लिए भी आवागमन जोखिमपूर्ण रहता था। किसी ग्रामीण के बीमार होने या आपात स्थिति में उसे अस्पताल पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता था। पुल बनने से अब सालभर आवागमन सुगम रहने तथा एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

पुल का लाभ क्षेत्र के किसानों को भी मिलेगा। वे अपनी कृषि उपज को नजदीकी मंडियों और बाजारों तक कम दूरी में पहुंचा सकेंगे। इससे समय और परिवहन लागत में कमी आएगी। आसपास के कस्बों और शहरों से संपर्क बेहतर होने से युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच में भी सुविधा होगी।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारी शौर्यसिंह ने बताया कि यह पुल ग्रामीणों के लिए दशकों से चली आ रही परेशानी से मुक्ति का माध्यम बना है। इससे 15 हजार से अधिक आदिवासी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि पुल के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया है।

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