चंडीगढ़ , जून 18 -- पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने राज्य सरकार से सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के साथ टकराव की राजनीति बंद करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं की गरिमा और सिख परंपराओं का सम्मान बनाये रखना सभी जनप्रतिनिधियों और सरकारों की जिम्मेदारी है। गुरुवार को जारी बयान में श्री रंधावा ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले पर उठाये गये सवालों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिये गये बयानों से ऐसा प्रतीत होता है कि आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार सार्वजनिक रूप से अकाल तख्त साहिब के फैसले को चुनौती देने का प्रयास कर रही हैं, जो सिख मर्यादाओं और धार्मिक भावनाओं के अनुरूप नहीं है।

श्री रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को सलाह देते हुए कहा कि वे अपने मंत्रियों को संयमित रखें और सिख संस्थाओं के साथ टकराव का रास्ता छोड़ें। उन्होंने कहा कि पंजाब की परंपरा धार्मिक संस्थाओं के सम्मान की रही है और राजनीतिक लाभ के लिए ऐसी संस्थाओं को विवादों में घसीटना उचित नहीं है।मुख्यमंत्री से जुड़ी कथित वायरल वीडियो के मामले का उल्लेख करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि यदि सरकार सच्चाई सामने लाना चाहती है, तो इसकी जांच किसी केंद्रीय फोरेंसिक प्रयोगशाला से करवाई जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले वीडियो को फर्जी और कृत्रिम बताया गया, लेकिन बाद में सरकार की ओर से अलग-अलग दावे किए जाने लगे, जिससे पूरे मामले को लेकर संदेह और बढ़ गया है।

श्री रंधावा ने यह भी पूछा कि यदि सरकार को अपनी स्थिति पर पूरा भरोसा था तो वीडियो सामने आने के बाद कई महीनों तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गयी। उन्होंने कहा कि अब अचानक बहुत कम समय में फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आने से कई नये सवाल खड़े हो गये हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को धार्मिक विवादों में उलझने के बजाय राज्य के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। प्रदेश इस समय नशे की समस्या, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और किसानों से जुड़े अनेक मुद्दों का सामना कर रहा है, जिनके समाधान की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार या उसके किसी मंत्री को किसी निर्णय पर कोई शंका या आपत्ति थी तो वह सम्मानपूर्वक जत्थेदार साहिब से मुलाकात कर अपनी बात रख सकता था। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से बयानबाजी कर श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा को चुनौती देना किसी भी जिम्मेदार सरकार के लिए उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की कि वह सिख संस्थाओं का सम्मान बनाये रखते हुए संवाद और मर्यादा के रास्ते पर चले तथा प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित