चंडीगढ़ , अक्टूबर 20 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने मंगलवार को पटियाला की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत द्वारा मानहानि के एक मामले में उन्हें एक साल की सजा सुनाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विपक्ष की आवाज से जुड़ी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सजा मिलने से भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई नहीं रुकेगी।

श्री बैंस ने कहा कि वह न्यायपालिका का हमेशा सम्मान करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। करीब आठ साल तक चले मुकदमे और 297 पेशियों के बाद आए फैसले को वह पटियाला की सत्र अदालत में चुनौती देंगे। उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष शिकायत करने की बात भी कही। श्री बैंस के अनुसार, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आदेश के पीछे ठोस आधार नहीं हैं और उन्हें उच्च अदालतों से न्याय मिलने की उम्मीद है।

श्री बैंस ने दावा किया कि यह मामला वर्ष 2018 का है, जब उन्होंने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री के कथित समर्थकों द्वारा नशीली गोलियों और नकली दवाओं के कारोबार का पर्दाफाश किया था। उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने की लूट या जनता के साथ धोखाधड़ी होने पर वह चुप नहीं रह सकते। उन्होंने पंजाब विधानसभा में एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा कथित तौर पर 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगे जाने से संबंधित ऑडियो सार्वजनिक करने और इस मामले में खुद को सूचना उजागर करने वाला (व्हिसलब्लोअर) बताते हुए किए गए संघर्ष का भी उल्लेख किया।

अपने 25 साल के राजनीतिक और सामाजिक सफर का जिक्र करते हुए श्री बैंस ने कहा कि उन्होंने 12 साल की उम्र में धर्म युद्ध मोर्चे के दौरान पहली बार जेल यात्रा की थी। उनके मुताबिक, रेत, केबल और नशा माफिया के खिलाफ संघर्ष के दौरान वह 13 बार जेल जा चुके हैं और अपने राजनीतिक जीवन के करीब पौने पांच साल जेल में बिताए हैं। उन्होंने दावा किया कि वह उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आम लोगों की रिश्वत की रकम वापस दिलाने के लिए सार्वजनिक रूप से प्रयास किए।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उदाहरण देते हुए श्री बैंस ने कहा कि जिस तरह सूरत की अदालत से सजा मिलने के बावजूद श्री गांधी ने अपनी आवाज उठाना जारी रखा, उसी तरह वह भी भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सजा या जेल के जरिए उनकी आवाज बंद नहीं की जा सकती और वह पंजाब तथा देश की सेवा करते हुए भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को बेनकाब करने का प्रयास जारी रखेंगे।

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