कोलकाता , जून 24 -- पश्चिम बंगाल के पूर्व सिंचाई मंत्री एवं वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता मानस भुइयां ने नौकरी धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

सबांग पुलिस ने श्री भुइयां को एक नोटिस जारी किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने पैसे के बदले एक महिला को नौकरी दिलवाने में मदद की थी। गिरफ्तारी के डर से पूर्व मंत्री ने उच्च न्यायालय से कानूनी राहत की गुहार लगायी है।

सबांग विधानसभा क्षेत्र के बिष्णुपुर ग्राम पंचायत इलाके के निवासी बिकाश कुमार तुंग ने इस मामले में शिकायत दर्ज करायी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि साल 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले उनकी पत्नी मंजू साहू तुंग को नौकरी देने का वादा किया गया था। आरोप के मुताबिक, यह नौकरी तृणमूल कांग्रेस नेताओं श्री शेख अबू कलाम और श्री भोलानाथ के जरिए और तत्कालीन मंत्री मानस रंजन भुइयां के हस्तक्षेप से पक्की की गयी थी।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि नौकरी दिलाने के बदले पाँच लाख रुपये लिए गये थे। शिकायत के अनुसार, श्रीमती मंजू ने एक मार्च 2026 को तेमाथानी सिंचाई बंगले में सीआईएसबी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के तहत परिचारक के पद पर काम शुरू किया था। उनका श्रमिक पंजीकरण क्रमांक सीआईएसबी/डब्ल्यूबी-46 बताया गया था।

परिवार का कहना है कि काम पर जुड़ने के बाद श्रीमती मंजू ने नियमित रूप से काम किया, लेकिन छह मई को उन्हें सूचित किया गया कि उनकी नौकरी खत्म कर दी गयी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नौकरी से हटाये जाने के आदेश की कॉपी उन्हें व्हाट्सएप के जरिए भेजी गयी थी।

शिकायत के आधार पर सबांग पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया और बाद में पूर्व मंत्री को नोटिस जारी किया।

इस बीच श्री भुइयां ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वाम मोर्चा के 34 साल के शासन और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस की सरकार के दौरान उनके 56 साल के राजनीतिक जीवन में आज तक किसी ने भी उन पर ऐसे आरोप नहीं लगाये हैं।

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