वाराणसी , मई 16 -- उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने आगामी मानसून को देखते हुए वाराणसी के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई युद्धस्तर पर पूरा कराने के निर्देश देते हुए कहा कि नालों से निकाली गई सिल्ट का समय पर उठान सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सर्किट हाउस सभागार में शनिवार को शहर की सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में श्री शर्मा ने कहा कि केवल नालों की सफाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनमें से निकले कीचड़ और मलबे का तत्काल निस्तारण भी जरूरी है, ताकि वह दोबारा नालों में न पहुंचे और सड़कों पर गंदगी न फैले।
उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण में वाराणसी को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने के लक्ष्य पर जोर देते हुए अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि सफाई या अन्य विकास कार्यों में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
नगर विकास मंत्री ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि छोटी-छोटी जनसमस्याओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए तत्काल पैचवर्क शुरू कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में सड़कों के किनारे पड़े निर्माण सामग्री और मलबे पर चिंता जताते हुए श्री शर्मा ने कहा कि इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों को तत्काल मलबा हटाकर सड़कों को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने पर बल दिया।
बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर के 18 वार्डों में सीवर नेटवर्क सुधार और शुद्ध पेयजल आपूर्ति बहाल करने का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा, जिसे आगामी दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित