अलवर , जुलाई 07 -- राजस्थान में मानसून के मद्देनजर सरकारी भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर योगेश डागुर ने मंगलवार को अलवर शहर के तीन सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जहां-जहां कमियां मिलीं, वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिये गये।

श्री डागुर ने स्पष्ट कहा कि जो भवन जर्जर या जीर्ण-शीर्ण हैं, उनमें न मरीजों का उपचार किया जाये, न स्टाफ बैठे और न ही बच्चों को रखा जाये। ऐसे भवनों की मरम्मत होने तक उनका उपयोग नहीं किया जायेगा।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार मानसून से पूर्व सरकारी अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों का सुरक्षा सर्वे कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य संभावित हादसों को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर मरम्मत की आवश्यकता पायी गयी। इस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिये गये। जिन हिस्सों में बड़े स्तर पर कार्य होना है और टेंडर प्रक्रिया चल रही है, उसे भी जल्द पूरा करने के लिए कहा गया। महिला अस्पताल में आउटडोर का एक हिस्सा जर्जर अवस्था में मिलने पर वहां की सेवाओं को नए बने हॉस्टल भवन में स्थानांतरित करने पर विचार किया जा रहा है।

इसके अलावा जिला अस्पताल परिसर में पड़े कबाड़ को लेकर भी श्री डागुर ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अस्पताल परिसर से जल्द कबाड़ हटाकर व्यवस्था दुरुस्त की जाये। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी और सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

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