चम्पावत , जून 23 -- उत्तराखंड में आगामी मानसून सीजन और आपदाजन्य परिस्थितियों को देखते हुए चंपावत जिला प्रशासन ने जिले के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत मंगलवार को आदेश देते हुए यह कदम उठाया। जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अग्रिम आदेशों तक कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना अनुमति के जिला मुख्यालय नहीं छोड़ेगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को विशेष परिस्थितियों में अवकाश की आवश्यकता हो तो उसे अपने स्थान पर वैकल्पिक अधिकारी का नाम प्रस्तावित करते हुए अवकाश आवेदन प्रस्तुत करना होगा। अवकाश स्वीकृत होने के बाद ही मुख्यालय छोड़ने की अनुमति मिलेगी। साथ ही अवकाश अवधि के दौरान भी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मोबाइल फोन पर उपलब्ध रहेंगे।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों का अवकाश शासन अथवा विभागाध्यक्ष स्तर से स्वीकृत किया जाना है, उनके आवेदन भी जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से ही अग्रसारित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी कुमार ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मुख्यालय में उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 51 (क) एवं (ख) के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
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