लखनऊ , मई 30 -- उत्तर प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से योगी सरकार ने पौधरोपण महाभियान-2026 की तैयारियां तेज कर दी हैं। मानसून सत्र के दौरान जनसहभागिता के माध्यम से प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 1900 से अधिक नर्सरियों में 52.44 करोड़ पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। इस वर्ष भी वन विभाग, जो अभियान का नोडल विभाग है, सर्वाधिक 15 करोड़ पौधे लगाएगा। अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए जिला वृक्षारोपण समितियों की नियमित बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नर्सरियों में औद्योगिक, इमारती, चारा, शोभाकार, पर्यावरणीय, फलदार और औषधीय प्रजातियों सहित विभिन्न प्रकार के पौधे तैयार किए जा रहे हैं, ताकि विभिन्न क्षेत्रों और आवश्यकताओं के अनुरूप वृक्षारोपण किया जा सके।
इस वर्ष गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण की विशेष योजना बनाई गई है। 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की दोनों पटरियों के किनारे लगभग 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग के अनुसार प्रत्येक किलोमीटर पर हरिशंकरी पौधों का रोपण किया जाएगा, जबकि पीपल, पाकड़, बरगद, नीम, गूलर, महुआ, आम, अर्जुन, चिलबिल, अमलतास, कचनार, जकरकंडा और गुलमोहर जैसी प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। पौधों की सुरक्षा के लिए तारबाड़ और सिंचाई के लिए ड्रिप इरीगेशन की व्यवस्था भी की जाएगी।
पौधरोपण महाभियान-2026 के तहत कई नए विशिष्ट वनों की स्थापना भी प्रस्तावित है। इनमें महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन और कपि वन प्रमुख हैं। इसके अलावा मिशन छाया, अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा और आम भंडारा जैसे विशेष कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा होंगे।
वन विभाग के अनुसार मिशन छाया के तहत सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर छायादार पौधों का रोपण किया जाएगा। वहीं 15 अगस्त को "वंदे मातरम वाटिका", 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर "भाई-बहन पौधरोपण" तथा 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर "एक पेड़ गुरु के नाम" कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे जनभागीदारी के साथ उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, युवक एवं महिला मंगल दल, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, ईको क्लब, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और व्यापारिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया।
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मिशन डायरेक्टर (पौधरोपण महाभियान-2026) रामकुमार ने बताया कि सभी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से इस अभियान को व्यापक जनसहभागिता के साथ संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडलवार और जनपदवार लक्ष्य निर्धारित किए जा चुके हैं तथा गंगा एक्सप्रेसवे सहित विभिन्न क्षेत्रों में बड़े स्तर पर पौधरोपण कराया जाएगा।
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