नयी दिल्ली , जुलाई 09 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने गुरुवार को कहा कि राजधानी में बारिश के बाद जलभराव तथा यातायात जाम को लेकर प्रदेश सरकार और लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह मानसून की शुरुआती बारिश ने ही सरकारी दावों की पोल खोल दी है।

डॉ. कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार हालात सामान्य होने का दावा कर रही है, जबकि दिल्ली की जनता परेशानियों का सामना कर रही है। श्री साहिब सिंह 100 मिलीमीटर बारिश के बावजूद जलभराव वाले अधिकांश चिह्नित स्थानों पर स्थिति सामान्य रहने की बात कह रहे हैं, जबकि दिल्ली में 100 मिलीमीटर बारिश हुई ही नहीं। उन्होंने कहा कि जब बारिश के आंकड़ों को ही बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, तो बाकी दावों की सच्चाई का भी अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम बारिश में ही कई सड़कें पानी में डूब गयी, अंडरपास जलमग्न हो गये और घंटों यातायात जाम लगा रहा। ऐसे में भारी बारिश की स्थिति से निपटने की सरकार की तैयारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि मंत्री के बयानों में भी विरोधाभास है। पहले सरकार ने 169 जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें दुरुस्त करने का दावा किया था, लेकिन अब केवल 45 चिह्नित स्थानों का उल्लेख किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर 169 में से 124 स्थान कहां गायब हो गये? क्या सरकार ने अपने ही आंकड़े बदल दिये हैं या जनता को गुमराह किया जा रहा है?कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पिछले 24 घंटों में मिंटो रोड अंडरपास, आईटीओ, धौलाकुआं, महरौली, राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-24 गाजीपुर बॉर्डर, अक्षरधाम, रिंग रोड, एम्स-साउथ एक्सटेंशन, जखीरा अंडरपास, प्रह्लादपुर, बुराड़ी, सदर बाजार, संगम विहार, दिल्ली-गुरुग्राम रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे अंडरपास, रोहिणी, पीतमपुरा तथा दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों के घेवरा और हिरणकुदना सहित कई अनधिकृत कॉलोनियों में जलभराव और लंबे यातायात जाम की स्थिति बनी रही। कई स्थानों पर सड़कों पर एक से दो फुट तक पानी भर गया और कुछ अंडरपासों को एहतियातन बंद करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पुरानी सरकार की कमियां गिनाकर अपनी उपलब्धियां बताने में लगी है, लेकिन चुनिंदा तस्वीरें दिखाकर पूरी दिल्ली की हकीकत नहीं छिपायी जा सकती। राजधानी की जनता खुद देख रही है कि बारिश के बाद शहर का बुनियादी ढांचा किस तरह जवाब दे रहा है।

उन्होंने कहा कि जनता अब दावों और हकीकत का फर्क समझ चुकी है और भाजपा सरकार को प्रचार के बजाय जमीनी समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।

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