नयी दिल्ली , जून 25 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने गुरुवार को कहा कि मानसून की पहली बारिश ने दिल्ली सरकार की तैयारियों और दावों की पोल खोल दी है।

डॉ. कुमार ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के बारिश से निपटने को लेकर किये गये सभी दावे पहली ही बारिश में बेअसर साबित हो गये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दावा किया जा रहा था कि जलभराव वाले 169 स्थानों की पहचान कर ली गयी है, 3400 गड्ढों को भर दिया गया है, 37 एसटीपी संयंत्रों की मरम्मत पूरी कर ली गयी है और सभी नालों की सफाई तथा गाद निकासी का कार्य संपन्न कर लिया गया है, लेकिन मामूली बारिश के बाद ही दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली।

उन्होंने कहा कि नयी दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र में आईटीओ से कनॉट प्लेस और भीकाजी कामा प्लेस तक, जबकि सरोजिनी नगर मार्केट, सफदरजंग, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), इंद्रलोक और पीरा गढ़ी चौक समेत कई स्थानों पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। उनके अनुसार बारिश की तीव्रता अधिक न होने के बावजूद नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जनता को दावों और बयानों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान से मतलब है। उन्होंने सवाल उठाया कि उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा बारिश के मौसम के लिए पूरी तैयारी के जो दावे किए जा रहे थे, उनका परिणाम जनता को क्यों दिखाई नहीं दिया।

डॉ. कुमार ने आरोप लगाया कि दिल्ली में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान कोई उल्लेखनीय कार्य करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि बारिश ने केवल सड़कों को ही नहीं, बल्कि सरकार के दावों की वास्तविकता को भी उजागर कर दिया है।

उन्होंने कहा कि जहां व्यवस्थाएं कमजोर होती हैं, वहां बारिश स्वयं सच्चाई बयान कर देती है। दिल्ली में स्थिति यह है कि सरकार दावे और वादे तो बहुत करती है, लेकिन बारिश होते ही शहर के विभिन्न हिस्से पानी में डूब जाते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह राजनीतिक बयानों के बजाय जनसमस्याओं के स्थायी और प्रभावी समाधान पर ध्यान दे।

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