दरभंगा , जून 10 -- लित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग की ओर से "मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए जीवन-कौशल आवश्यक" विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. अनीस अहमद ने की।अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. अनीस अहमद ने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए जीवन-कौशल अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि आत्म- जागरूकता, तनाव-प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और प्रभावी संचार जैसे जीवन-कौशल व्यक्ति को दैनिक चुनौतियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने, मजबूत संबंध स्थापित करने तथा जीवन में संतुलन बनाए रखने में सहायता करते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन-कौशल न केवल मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और सामाजिक समायोजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के मनोविज्ञान विशेषज्ञ प्रो. इंतेखाबुर रहमान ने कहा कि मजबूत जीवन-कौशल ही सकारात्मक सोच, स्वस्थ रिश्तों और खुशहाल जीवन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जीवन-कौशल व्यक्ति को चुनौतियों को अवसरों में बदलने तथा मानसिक रूप से सशक्त बनने की क्षमता प्रदान करता है।

प्रो. रहमान ने मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने वाले प्रमुख जीवन-कौशलों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि आत्म-जागरूकता व्यक्ति को अपनी भावनाओं, विचारों, क्षमताओं और कमजोरियों को समझने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि तनाव उत्पन्न करने वाले कारकों की पहचान करना और उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना मानसिक संतुलन के लिए आवश्यक है।उन्होंने भावनात्मक प्रबंधन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि क्रोध, उदासी और निराशा जैसी भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें स्वस्थ तरीके से व्यक्त करना चाहिए। साथ ही, तनाव-प्रबंधन के लिए गहरी श्वास (डीप ब्रीदिंग), ध्यान और माइंडफुलनेस जैसी तकनीकों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी।

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