नयी दिल्ली , अक्टूबर 25 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास में स्थापित सुधा गोपालकृष्णन मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र एक अत्याधुनिक ब्रेन इमेजिंग तकनीक के माध्यम से मानव मस्तिष्क की उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल त्रिआयामी (3डी) तस्वीरें तैयार कर रहा है और इस परियोजना का लक्ष्य 100 मानव मस्तिष्कों की 3डी मैपिंग कर उनका गहन अध्ययन करना है।

श्री मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कहा कि चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास में स्थापित सुधा गोपालकृष्णन मस्तिष्क केंद्र मानव मस्तिष्क को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि इस केंद्र ने एक अत्याधुनिक ब्रेन इमेजिंग तकनीक मंच विकसित किया है, जिसके माध्यम से मानव मस्तिष्क की उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल त्रिआयामी (3डी) तस्वीरें तैयार की जा रही हैं। इस परियोजना का लक्ष्य 100 मानव मस्तिष्कों की 3डी मैपिंग कर उनका गहन अध्ययन करना है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना में परम शक्ति सुपरकंप्यूटर का इस्तेमाल किया जा रहा है और यह अपनी तरह का दुनिया का पहला मिशन है। इसके निर्माण में उद्योग जगत, सरकार, आईआईटी के पूर्व विद्यार्थियों और अकादमिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान में उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद मानव मस्तिष्क अब भी वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी पहेली बना हुआ है। अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों के उपचार में अब भी बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को गहराई से समझने से भविष्य में नए अनुसंधान और उपचार की संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि 100 मानव मस्तिष्कों से संबंधित डेटा को भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में शोध के लिए ओपन सोर्स के रूप में उपलब्ध कराने की योजना है।

प्रधानमंत्री ने अंगदान के महत्व पर जोर देते हुए मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की शिवानी का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि शिवानी सड़क दुर्घटना का शिकार हो गयी थीं। इस कठिन परिस्थिति में उनके परिवार ने उनके अंगदान का फैसला किया। परिवार का यह निर्णय समाज और देश के लिए प्रेरणादायक है। अंगदान से जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिलने के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि मानवता की भावना से उठाया गया ऐसा कदम अनेक परिवारों के जीवन में उम्मीद और खुशियां ला सकता है।

उन्होंने चेन्नई यात्रा के दौरान युवाओं से हुई मुलाकातों का जिक्र करते हुए कहा कि आईआईटी मद्रास में उन्होंने कई ऐसे स्टार्टअप देखे, जो डीप-टेक के क्षेत्र में नए समाधान विकसित कर रहे हैं। इनमें सोने की गुणवत्ता जांचने वाली तकनीक पर काम करने वाला स्टार्टअप भी शामिल है, जिससे सोने की खरीदारी में होने वाली धोखाधड़ी रोकने में मदद मिल सकती है। एक अन्य युवा टीम ऐसा मंच विकसित कर रही है, जिसके जरिए बैंक धोखाधड़ी से निकाली गई रकम की तेजी से वसूली में सहायता मिल सकेगी। वहीं, एक टीम सर्वाइकल कैंसर की जांच में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस्तेमाल की संभावनाओं पर काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि आईआईटी मद्रास के इन्क्यूबेशन तंत्र से सहायता प्राप्त स्टार्टअप समुद्र के ऊपर उड़ने वाला इलेक्ट्रिक वाहन विकसित करने में जुटा है। इसके अलावा, एक अन्य स्टार्टअप ड्रोन और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तेजी से चार्ज होने वाली बैटरियां तैयार कर रहा है।

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