नयी दिल्ली , मार्च 20 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने हरियाणा के सोनीपत में एक व्यक्ति की आवारा कुत्ते के काटने और उसके बाद इलाज में हुई कथित लापरवाही के कारण हुई मृत्यु की मीडिया रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान लिया है।

आयोग ने इस मामले को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए हरियाणा सरकार के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

आयोग ने हरियाणा के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के निदेशक और सोनीपत नगर निगम के आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में विशेष रूप से इस बात का उल्लेख करने को कहा गया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और मृतक के परिजनों को अब तक क्या मुआवजा दिया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 15 फरवरी 2026 को सोनीपत में कचरा इकट्ठा करने वाले 44 वर्षीय एक व्यक्ति को आवारा कुत्ते ने काट लिया था। परिजनों का आरोप है कि सोनीपत के सिविल अस्पताल में रेबीज रोधी टीके और सीरम उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण मरीज को दिल्ली के नरेला स्थित राजा हरिश्चंद्र अस्पताल रेफर कर दिया गया। गत 25 फरवरी को छुट्टी मिलने के बाद जब 3 मार्च को मरीज की हालत बिगड़ी, तो अस्पताल ने कथित तौर पर छुट्टी का हवाला देकर उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उचित इलाज के अभाव में मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाया गया और अंततः रोहतक पीजीआई में उसकी मृत्यु हो गई।

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