नयी दिल्ली , जुलाई 13 -- राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में जान-माल के नुकसान से जुड़े तीन अलग-अलग हादसों का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने संबंधित राज्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

उज्जैन जिले में सीवर चैंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैस से एक मजदूर की मौत और दो अन्य के बुरी तरह प्रभावित होने पर आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और उज्जैन पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है।

एनएचआरसी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, घटना सात जुलाई को उज्जैन में भैरवगढ़ रोड स्थित पिपली नाका के पास हुई। वहां सीवर चैंबर में उतरे मजदूर जहरीली गैस से बेहोश हो गये। इलाज के दौरान एक मजदूर की मौत हो गयी, जबकि दो अन्य का इलाज चल रहा है। आयोग ने टिप्पणी की कि यह घटना सत्य पाये जाने पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। एनएचआरसी ने जांच की प्रगति और मृतक और घायलों के परिजनों को दिये गये मुआवजे का ब्योरा मांगा है। दूसरे मामले में एनएचआरसी ने छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित उरला औद्योगिक क्षेत्र के कारखाने में हुए विस्फोट का संज्ञान लिया। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत और कई अन्य घायल हो गये थे। कारखाने में ऑक्सीजन सिलेंडर में सात जून को यह विस्फोट हुआ था। आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।

आयोग ने घायलों के स्वास्थ्य की स्थिति, जांच की प्रगति और प्रभावित परिवारों को दिये गये मुआवजे की जानकारी देने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया और घटना के बाद कारखाना बंद कर दिया गया। उधर मानवाधिकार आयोग ने झारखंड के लोहरदगा जिले में आवासीय स्कूल के छात्रावास में छात्रा की सर्पदंश से हुई मौत और तीन अन्य के बुरी तरह प्रभावित होने की घटना का भी स्वतः संज्ञान लिया।

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