चेन्नई , जून 29 -- तमिलनाडु के मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री डी. शरथकुमार को कथित मादक पदार्थ मामले में गिरफ्तार करने और मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी की मांग करने वाले विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।
द्रमुक के छात्र प्रकोष्ठ की ओर से शहर के एग्मोर स्थित राजारथिनम स्टेडियम के निकट आयोजित प्रदर्शन की अध्यक्षता पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमणियन ने की। यह प्रदर्शन सोशल मीडिया पर वायरल हुए उस वीडियो के बाद आयोजित किया गया, जिसमें कथित तौर पर श्री शरथकुमार दो वर्ष पहले चेन्नई में आईपीएल मैच के दौरान सफेद रंग के पाउडर जैसी किसी वस्तु को तैयार करते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो दोबारा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद द्रमुक सहित विपक्षी दलों ने सफेद पाउडर को मादक पदार्थ बताते हुए मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की। विपक्ष ने यह आरोप भी लगाया कि मंत्री मादक पदार्थ का सेवन कर रहे थे। श्री शरथकुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वीडियो का गलत अर्थ निकाला गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने बच्चे को देने के लिए एक दवा की गोली को पीस रहे थे। उन्होंने लोगों से भ्रामक सूचनाएं नहीं फैलाने की अपील की। बताया गया है कि यह वीडियो पहले स्वयं श्री शरथकुमार ने अपने सोशल मीडिया खाते पर साझा किया था, जो अब फिर से वायरल हो गया है।
मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ टीवीके सरकार और मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए द्रमुक ने आरोप लगाया कि इस घटना से मादक पदार्थों के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और मंत्री के इस्तीफे तथा गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने स्टेडियम के निकट प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर छात्र प्रकोष्ठ के लगभग 50 सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया।
एग्मोर में मा. सुब्रमणियन के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ, जबकि पुरसैवक्कम क्षेत्र में पूर्व मंत्री पी.के. सेकर बाबू और चेन्नई निगम की महापौर आर. प्रिया ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। बाद में उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। पुलिस वाहन में ले जाए जाने के दौरान सेकर बाबू ने कहा, "यदि मुख्यमंत्री दो दिन पहले मादक पदार्थ विरोधी मैराथन में भाग लेने के बावजूद अपने ही मंत्रिमंडल के उस मंत्री को सलाह नहीं दे सकते, जिस पर मादक पदार्थों से जुड़े आरोप लगे हैं, तो ऐसे कार्यक्रम का क्या औचित्य है?"द्रमुक अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विपक्ष को डराकर और मीडिया के सवालों से बचकर अपनी बनाई हुई छवि को अधिक समय तक नहीं बचा पाएंगे। श्री स्टालिन ने कहा, "सत्ता का दुरुपयोग करने वालों का अहंकार अंततः समाप्त होगा। जनता इस 'रील्स सरकार' को सबक सिखाएगी।
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