बैतूल , सितंबर 23 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु के मामलों को लेकर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक की। उन्होंने संबंधित मामलों में परिजनों की मौजूदगी में चिकित्सकों, स्टाफ नर्स, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं से उपचार तथा स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही मानवीय संवेदनाओं के विरुद्ध है और शिकायत मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने परिजनों से सीधे संवाद कर घटनाओं और उपचार से संबंधित जानकारी भी ली। उन्होंने लापरवाही पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एएनएम और आशा कार्यकर्ता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
रातामाटी निवासी वैशाली धुर्वे की 30 अप्रैल को हुई मातृ एवं शिशु मृत्यु के मामले की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्रसव के दौरान दिए गए उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने मृतका के पति रमेश धुर्वे से भी घटनाक्रम की जानकारी ली। मामले में संबंधित चिकित्सकों और स्टाफ नर्स के विरुद्ध विभागीय जांच के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए गए।
मुलताई निवासी रोशनी कमल नाथ के मातृ मृत्यु प्रकरण में चिकित्सकों, एएनएम और आशा कार्यकर्ता से जांच एवं उपचार की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने संबंधित चिकित्सकों को नोटिस जारी करने तथा उपचार प्रोटोकॉल की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सेहरा निवासी सीता मनोज के प्रकरण में भी उपचार में लापरवाही की जांच कर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने जिला अस्पताल में प्रसव, सीजर या रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर राशि मांगने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों से उपचार के नाम पर अनावश्यक राशि लेना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अस्पताल में मरीजों और परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने तथा विकासखंडों से आने वाले चिकित्सकों को प्रसव और जटिल परिस्थितियों के प्रबंधन का प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए।
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