भुवनेश्वर , अगस्त 01 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के साथ महानदी जल विवाद अगले तीन महीनों में सुलझ जाने की उम्मीद जतायी।
गौरतलब है कि दोनों राज्यों के बीच महानदी के जल को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
श्री माझी ने राज्य में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी ) के अध्यक्ष की अध्यक्षता में बनी तकनीकी समिति के तीन महीनों के भीतर महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण को अपनी रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह रिपोर्ट ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच महानदी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान का रास्ता साफ करेगी। उन्होंने इस मुद्दे पर शुक्रवार को महानदी जल बंटवारे को लेकर हुई बैठक ओडिशा के लिए बहुत महत्वपूर्ण थी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने 30 जुलाई को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ एक बैठक में भाग लिया था। दशकों पुराने विवाद का आपसी सहमति वाला समाधान खोजने के उद्देश्य से सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा हुई।
श्री माझी ने कहा कि उन्होंने ऐसे समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया जो ओडिशा के लोगों के हितों और अधिकारों की रक्षा करे, किसानों का कल्याण सुनिश्चित करे और महानदी बेसिन के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखे। सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताते हुए श्री माझी ने कहा, "आने वाली दिवाली हमारे लिए शुभ होगी।"दिल्ली यात्रा के दौरान, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, नीति आयोग के अधिकारियों और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रोफेसर के.वी. राजू से भी मुलाकात कर राज्य के विकास और हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी।
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