भुवनेश्वर , अक्टूबर 17 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एशियाई खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों को सम्मानित किया और खिलाड़ियों तथा सहयोगी स्टाफ के लिए कुल 5.61 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की।

स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही दोनों टीमों ने 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।

श्री माझी ने यहां कलिंगा स्टेडियम में शुक्रवार की रात आयोजित सम्मान समारोह में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को देश के युवाओं का सच्चा आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने देश को गौरव और सम्मान दिलाया है।

राज्य सरकार ने भारतीय टीमों में उत्कृष्ट योगदान के लिए ओडिशा में जन्मे तीन खिलाड़ियों अमित रोहिदास, शिलानंद लकड़ा और सुनेलिता टोप्पो को भी 20-20 लाख रुपये का विशेष पुरस्कार देने की घोषणा की। प्रत्येक खिलाड़ी को 11 लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 5.5 लाख रुपये दिये जायेंगे।पुरुष हॉकी टीम और उसके सहयोगी स्टाफ को 2.75 करोड़ रुपये, जबकि महिला टीम को 2.86 करोड़ रुपये दिये जायेंगे।

खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ को बधाई देते हुए श्री माझी ने कहा कि 44 साल के अंतराल के बाद महिला टीम की स्वर्ण पदक जीत देशभर की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

उन्होंने सुंदरगढ़ जिले के अमित रोहिदास और शिलानंद लकड़ा के साथ-साथ सुनेलिता टोप्पो के योगदान की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत ने देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीमों के आधिकारिक प्रायोजक के रूप में अपनी भूमिका जारी रखने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहरायी।

श्री माझी ने उम्मीद जतायी कि भारत में प्रस्तावित 2036 के ओलंपिक खेलों के दौरान ओडिशा में भी हॉकी प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी। यह अवसर अलग ओडिशा प्रांत के गठन की शताब्दी के साथ भी मेल खायेगा।

महिला टीम की कप्तान सलीमा टेटे और पुरुष टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि टेटे ने आधुनिक और प्रभावी कप्तानी का उदाहरण पेश किया है, जबकि हरमनप्रीत के दृढ़ संकल्प ने पुरुष टीम को लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक दिलाने में मदद की।

मुख्यमंत्री ने एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को अपने आवास पर आमंत्रित करने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि 'खेलो इंडिया' पहल देशभर में युवा खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरी है।

ओडिशा में खेल बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए श्री माझी ने कहा कि राज्य सरकार भुवनेश्वर से बाहर भी खेल सुविधाओं का विस्तार कर रही है। इसके तहत प्रखंड स्तर पर स्टेडियमों के निर्माण के लिए 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गोठापटना में करीब 1,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रस्तावित ग्लोबल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कलिंगा स्टेडियम में 2028 में आयोजित होने वाली विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप ओडिशा को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

खेल एवं युवा सेवा मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने कहा कि ओडिशा में हॉकी केवल एक खेल नहीं, बल्कि राज्य के जुनून और पहचान की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों की एशियाई खेलों में जीत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और ओडिशा की प्रतिष्ठा बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि रोहिदास, लकड़ा और टोप्पो के प्रदर्शन से ग्रामीण ओडिशा के हजारों युवा खिलाड़ियों को अपने सपनों को पूरा करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।

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