भुवनेश्वर , अक्टूबर 19 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को राज्य के 28 जिलों में 471 ग्राम पंचायत कार्यालयों की आधारशिला रखी और अंत्योदय आवास योजना के अंतर्गत पहली किस्त वितरित की।
योजना के अंतर्गत कुल 48,693 लाभार्थियों को 40,000 रुपये की पहली किस्त प्रदान की गई। नुआपाड़ा और कालाहांडी को छोड़कर सभी जिलों में आधारशिला रखी गई।
अंत्योदय आवास योजना का शुभारंभ गत 30 मार्च को किया गया था , जिसका लक्ष्य 2024-25 से 2027-28 के दौरान 7,550 करोड़ रुपये के कुल लागत के साथ गरीबों एवं वंचित परिवारों के लिए पांच लाख घरों का निर्माण करना है।
श्री माझी ने कहा कि लाभार्थियों को दूसरी किस्त में 65,000 रुपये और तीसरी किस्त में 15,000 रुपये मिलेंगे यानी प्रति घर कुल 1.20 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। चार महीने के अंदर अपना घर पूरा करने वालों को 20,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी जबकि छह महीने के अंदर पूरा करने वालों को 10,000 रुपये मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि आईएपी जिलों के लाभार्थियों को 95 दिनों की मनरेगा मजदूरी भी मिलेगी जबकि गैर-आईएपी जिलों के लाभार्थियों को 90 दिनों की मजदूरी मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को शौचालय, नल जल एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना गरीब और बेसहारा परिवारों को सुरक्षित एवं स्थायी आश्रय प्रदान करेगी, जिससे प्रत्येक नागरिक सम्मान के साथ जीवन यापन कर सकेगा। ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के ग्राम पंचायतों को लोक कल्याण एवं नागरिक सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक नए ग्राम पंचायत कार्यालय का निर्माण 35 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसका वित्तपोषण केंद्र एवं राज्य सरकारें संयुक्त रूप से करेंगी। इन भवनों में सरपंच, पंचायत कार्यकारी अधिकारी, कनिष्ठ अभियंता, ग्राम रोजगार सेवक और लेखाकार-सह-डाटा एंट्री ऑपरेटर के लिए समर्पित कक्ष होंगे जो सभी नागरिक सेवाओं के लिए वन-स्टॉप सेवा केंद्र के रूप में कार्य करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान श्री माझी ने विभिन्न जिलों के लाभार्थियों और पंचायत प्रतिनिधियों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत की और योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। लाभार्थियों ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें सिर पर छत प्रदान की है और उनका सम्मान बहाल किया है।
इस अवसर पर पंचायती राज, पेयजल एवं ग्रामीण विकास मंत्री रवि नारायण नायक ने कहा कि ग्राम पंचायत कार्यालय ग्रामीण शासन के मुख्य केंद्र हैं जहां विकास योजनाएं बनायी जाती हैं और स्थानीय मुद्दों का समाधान किया जाता है। उन्होंने कहा कि ये नए कार्यालय ग्रामीण विकास एवं सार्वजनिक सेवा वितरण में मील का पत्थर साबित होंगे।कार्यक्रम में मुख्य सचिव मनोज आहूजा, पंचायती राज एवं पेयजल विभाग के निदेशक विनीत भारद्वाज, मंत्रीगण, सांसद, विधायक, पंचायती राज प्रतिनिधि तथा 28 जिलों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
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