लखनऊ , जनवरी 27 -- राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से अपील की है कि वह माघ मेला प्रशासन को क्षमा कर संगम में स्नान करें।
श्री दुबे ने मंगलवार को कहा कि मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर स्नान को लेकर हुआ विवाद जांच का विषय है जिस पर योगी सरकार संवेदनशीलता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संत समाज का आदर सम्मान करते है और मुख्यमंत्री के साथ गाेरक्षपीठाधीश्वर भी हैं। जांच में दोषी अफसरों के खिलाफ वह जरुरी कार्रवाई करेंगे,इसमें किसी को भी संशय नहीं होना चाहिये।
उन्होने कहा कि शंकराचार्य की पदवी पर उंगली उठाने के किसी भी जनसामान्य को अधिकार नहीं है। सनातन धर्मालंवी शंकराचार्य को भगवान शिव का अवतार मानते हैं और उनकी पूजा करते हैं। उन्होने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से अपील की कि वह माघ मेला प्रशासन के अधिकारियों को स्वयं क्षमा कर स्नान आदि करें जिससे माघ मेला की गरिमा बनी रहे।
गौरतलब है कि 18 दिसंबर को मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर पालकी संगम तट पर ले जाने को लेकर शंकराचार्य के अनुयायियों और माघ मेला प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हुयी थी। इस दौरान कुछ बटुकों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया था जिसके बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर के बाहर पालकी पर बैठें है। इस घटना को लेकर राजनीति चरम पर है।
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