चेन्नई , जुलाई 02 -- तमिलनाडु में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के नेतृत्व में चल रही विजय सरकार को अस्थिर करने के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और उसके नेता एमके स्टालिन की आलोचना की है।

माकपा के राज्य सचिव पी. शनमुगम ने संवाददाताओं से कहा, "अब हमें द्रमुक अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन की उन भविष्यवाणियों का मतलब समझ आ रहा है जिनमें उन्होंने कहा था कि मौजूदा सरकार गिर जाएगी और नयी सरकार लाने के लिए जल्द ही चुनाव होंगे। द्रमुक चुनावी हार के बाद सत्ता गंवाने को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। पार्टी लोगों के उस जनादेश को पचा नहीं पा रही है, जिसके कारण सरकार बदली है।" उन्होंने कहा, "इसीलिए वे विधायकों की खरीद-फरोख्त में लगे हुए हैं।"गौरतलब है कि उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार करते हुए द्रमुक के पूर्व मंत्री और कोयंबटूर दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधायक वी. सेंथिल बालाजी के भाई वी. अशोक कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला एक टीवीके विधायक डॉ. एन इलैयाराजा को विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ आने वाले अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में वोट देने के लिए 35 करोड़ रुपये की पेशकश करके रिश्वत देने के प्रयास से जुड़ा है।

चूंकि विजय सरकार ने विश्वास मत जीत लिया था, इसलिए सरकार के खिलाफ दूसरा विश्वास मत छह महीने बाद ही लाया जा सकता है, इसीलिए अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात हो रही है।

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