हैदराबाद , अक्टूबर 07 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की तेलंगाना प्रदेश समिति ने बुधवार को प्रस्तावित 7,635 करोड़ रुपये की वास्तविक लागत तथा बिजली दरों में वृद्धि को यह कहते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की कि इससे आम जनता और मध्यम वर्ग पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा।

माकपा के प्रदेश सचिव जॉन वेस्ली ने कहा कि नवंबर से 30 पैसे प्रति यूनिट और दिसंबर से 50 पैसे प्रति यूनिट की प्रस्तावित बढ़ोतरी से महंगाई का सामना कर रहे उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के लिए सिंचाई विभाग पर बकाया 29,000 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी धनराशि के बावजूद सरकार बिजली कंपनियों के अकुशल प्रबंधन का बोझ जनता पर डाल रही है।

माकपा ने चेतावनी दी कि यदि प्रस्तावों को वापस नहीं लिया गया तो वह समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर आंदोलन तेज करेगी। इसके साथ ही पार्टी ने लोगों से इन अतिरिक्त शुल्कों का विरोध करने की अपील की।

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