नयी दिल्ली , जून 12 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने खाड़ी क्षेत्र में तेल टैंकर 'एमटी सेत्तेबेलो' पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है।
पार्टी की पोलित ब्यूरो ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि तेल टैंकर पर हुआ यह हमला पश्चिम एशिया में अमेरिकी साम्राज्यवाद के आक्रामक और गैर-जिम्मेदाराना सैन्य हस्तक्षेप का एक और भयानक नतीजा है। इस तरह की सैन्य कार्रवाइयाँ लगातार पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर रही हैं, अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा पैदा कर रही हैं और बेकसूर नागरिकों तथा कामगारों की जान जोखिम में डाल रही हैं।
बयान के मुताबिक, मारे गए तीनों भारतीय नाविक आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और पटनाला सुरेश आम नागरिक थे जो जहाजों पर अपनी ड्यूटी कर रहे थे। वे किसी सेना का हिस्सा नहीं थे और न ही किसी सैन्य या भू-राजनीतिक विवाद से उनका कोई लेना-देना था। माकपा ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और दुनिया भर के उन नाविकों व समुद्री कामगारों के साथ एकजुटता जताई है, जो लगातार इस तरह के सैन्य दुस्साहस और सत्ता के संघर्ष का शिकार हो रहे हैं।
माकपा ने इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के रुख की भी तीखी आलोचना की है।
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