नयी दिल्ली , जनवरी 28 -- मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बुधवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के 'उच्च शिक्षा संस्थानों में समता को बढ़ावा देने के नियमों' पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नये दस्तावेज़ में कई कमियां हैं।

‎माकपा ने भेदभाव को दूर करने के लिये समता समिति के गठन का स्वागत किया, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि इसके लागू होने पर कड़ी निगरानी की ज़रूरत है। पार्टी ने कहा कि ये नियम सिर्फ़ विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े महाविद्यालयों तक ही सीमित हैं। ये आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे केंद्रीय संस्थानों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। सरकार से इन संस्थानों में भी समता व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया।

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