भिवानी , अक्टूबर 26 -- हरियाणा में भिवानी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की जिला कमेटी ने आईडीबीआई बैंक के 60.72 प्रतिशत शेयर कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को बेचने की मंजूरी देने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का विरोध किया है।
जिला सचिव कामरेड ओम प्रकाश ने कहा कि सार्वजनिक बैंकों का निजीकरण आम लोगों की बचत और सामाजिक क्षेत्र को मिलने वाले कर्ज को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक पिछले पांच वर्षों से नुकसान में था, लेकिन एलआईसी द्वारा 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के बाद मुनाफे में आया। उन्होंने शेयरों के मूल्यांकन और फेयरफैक्स से जुड़े पुराने विवादों पर भी सवाल उठाए।
श्री ओम प्रकाश ने दावा किया कि नीति आयोग ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक जैसे सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक बैंक छोटे जमाकर्ताओं, आम नागरिकों और सामाजिक क्षेत्र को ऋण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि 1969 में 14 और 1980 में छह बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। माकपा ने केंद्र सरकार से सार्वजनिक बैंकों में हिस्सेदारी बेचने की योजनाएं रोकने की मांग की। पार्टी का कहना है कि बैंकिंग व्यवस्था को निजी और विदेशी संस्थाओं के हवाले करने के बजाय जनता के हितों तथा वित्तीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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