हैदराबाद , मई 26 -- माओवादी नेता एवं केंद्रीय समिति के सदस्य और बिहार-झारखंड विशेष क्षेत्र समिति के सचिव पासुनुरी नरहरि उर्फ विश्वनाथ ने अपनी पत्नी मेदारी दानम्मा उर्फ लता उर्फ पूनम के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सी. वी. आनंद ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने पिछले कुछ वर्षों में आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीतियों, मुठभेड़ों और हथियारों को जब्त करके माओवाद को खत्म करने के प्रयास तेज कर दिये हैं।

श्री आनंद ने कहा कि 2024 से अब तक लगभग 822 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और उन्होंने 334 हथियार भी सौंपे हैं। उन्होंने बताया कि मूल रूप से हनमकोंडा जिले के सोमिडी गांव के रहने वाले नरहरि (64) अपने छात्र जीवन के दौरान रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन (आरएसयू) के माध्यम से इस आंदोलन में शामिल हुये थे। बाद में उन्होंने केंद्रीय समिति का सदस्य बनने से पहले छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में विभिन्न माओवादी दस्तों और तकनीकी शाखाओं में काम किया। उनकी पत्नी दानम्मा (55), जो मूल रूप से गुंटूर जिले की रहने वाली हैं तथा माओवादियों के लिये हथियार निर्माण, विस्फोटक, रॉकेट, बूबी ट्रैप और तकनीकी प्रशिक्षण का काम संभालती थीं।

इस अवसर पर तेलंगाना सरकार की पुनर्वास नीति के अनुसार श्री आनंद ने पासुनुरी नरहरि को 25 लाख रुपये और मेदारी दानम्मा को 20 लाख रुपये की पात्र पुरस्कार राशि सौंपी।

श्री आनंद ने बताया कि अब देश भर में केवल 47 भूमिगत माओवादी बचे हैं, जिनमें से तीन तेलंगाना से और एक आंध्र प्रदेश से है। उन्होंने वरिष्ठ माओवादी नेता मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति और अन्य भूमिगत माओवादियों से आत्मसमर्पण करने तथा लोकतांत्रिक मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नेताओं का स्वास्थ्य खराब होने के कारण यहां पहुंचने के बाद उन्हें चिकित्सा उपचार प्रदान किया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार सभी आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पुनर्वास, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार और कल्याणकारी सहायता प्रदान करेगी।

इस अवसर पर पासुनुरी नरहरि ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अपील के बाद मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने अन्य भूमिगत माओवादियों से भी आत्मसमर्पण करने और लोकतांत्रिक तरीकों से गरीबों के कल्याण के लिए काम करने का आग्रह किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित