गड़चिरोली , अप्रैल 29 -- महाराष्ट्र में गड़चिरोली जिले के सुदूर गांव तुमरकोठी में आजादी के दशकों बाद पहली बार बिजली पहुंची है।

सूत्रों ने बुधवार को बताया कि कभी माओवादियों का गढ़ रहे इस गांव में बिजली आने से निवासियों के बीच राहत और उम्मीद की नयी किरण जागी है। यह गांव, जो कभी पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी का बेस कैंप हुआ करता था और 'बूबी ट्रैप' (विस्फोटक जाल) से भरा रहता था, वर्षों तक अंधेरे में डूबा रहा। इस क्षेत्र के सबसे पिछड़े और दुर्गम इलाकों में से एक में बिजली का पहुंचना बुनियादी ढांचे तक पहुंच सुधारने की दिशा में निर्णायक कदम है।

यह प्रगति केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की माओवादी उग्रवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च की समय सीमा तय किये जाने के कुछ हफ्तों बाद हुई है। पुलिस और महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) ने संयुक्त रूप से बिजली आपूर्ति शुरू की, जो उग्रवाद से विकास की ओर संक्रमण का प्रतीक है।

सूत्रों ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने आदिवासी परिवारों को मुफ्त एलईडी बल्ब, होल्डर, वायरिंग और अन्य बिजली का सामान भी वितरित किया, ताकि वे तुरंत बिजली का उपयोग कर सकें। विद्युतीकरण का यह कार्य गड़चिरोली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधिरा की देखरेख में संपन्न हुआ। दशकों तक अबूझमाड़ के आसपास दंडकारण्य के घने जंगल माओवादी गतिविधियों और विस्फोटकों की मौजूदगी के कारण दुर्गम बने रहे। इससे आदिवासी समुदाय सड़कों, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और बिजली जैसी सुविधाओं से वंचित रहे। ग्रामीण लंबे समय से लालटेन पर निर्भर थे।

उन्होंने बताया कि लगातार चले कमांडो अभियानों से स्थिति बदली। दिसंबर 2025 में, गड़चिरोली पुलिस ने भारी साजो-सामान और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद 24 घंटे के भीतर तुमरकोठी में पुलिस स्टेशन स्थापित किया। अधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ सीमा से लगभग दो किमी दूर स्थित यह चौकी प्रशासनिक नियंत्रण बहाल करने और विकास की राह खोलने का आधार बनी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सुरक्षा चिंताओं के बावजूद, पुलिस टीमों ने गांव में आवश्यक बिजली ढांचा स्थापित करने के लिए एमएसईडीसीएल के इंजीनियरों के साथ मिलकर काम किया। यह विकास स्थानीय निवासियों के लिए भावुक पल रहा है।

एक ग्रामीण ने कहा, "हम दशकों तक अंधेरे में रहे। अब हमारे बच्चे रात में पढ़ सकेंगे, पानी के पंप चलेंगे और हमारा जीवन बेहतर होगा।"बिजली की आपूर्ति से गांव में रोशनी, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है। इस साल की शुरुआत में पुलिस ने तुमरकोठी-अहेरी मार्ग पर बस सेवाओं को फिर से शुरू करने में भी मदद की और एक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया, जिससे 200 से अधिक ग्रामीणों को लाभ हुआ।

अधिकारियों ने कहा कि पूरे गड़चिरोली में पुलिस सुरक्षा के बीच विकास कार्यों की एक शृंखला ने गति पकड़ी है, जिसके तहत 559 मोबाइल टावर लगाये गये हैं और 424 किमी सड़कों का निर्माण हुआ तथा 65 पुल बनाये गये हैं।

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